पप्पु चले हीरो बनने
पिक्चर देख कर पप्पु बोला मुझको भी हीरो बनना है
गोरी गोरी छोरी संग
romance मुझे भी करना है
दिखा के चिमटा अम्मा बोली
अभी तू अकल का कच्चा है
कैसे बनेगा फिलम मा हीरो
खुदहई अभी तू बच्चा है
पर पप्पू तो पप्पु ठहरा
बात माँ की मानी नहीँ
आधी रात को झोला लेकर
निकल पड़ा बम्बई
बाहर आ प्लेटफारम से उसने
ज्योँ ही नज़र उठाई
चकाचौँध देखकर शहर की
उसकी आँखेँ चकराई
ध्यान बटाँकर उसका
इक टैक्सी वाले ने पूछा
किधर जाओगे भाई
थोड़ा नापा थोड़ा तौला
फिर बड़े जोश से पप्पु बोला
रोहित शेट्टी का आफिस तक
तुम जल्दी से मुझको पहुँचा दो
किराया लोगे कितना
ये भी मुझको बतला दो
नया नवेला जानकर उसको
टैक्सी वाला मुस्कुराया
डबल किराया बता के
उसको पिछली सीट पर बिठाया
पहुँच के आफिस जैसे ही सीढ़ी पे कदम बढ़ाने लगे
भिन्न भिन्न के विचार उसके मन पटल पर आने लगे
खैर त्याग ये बातेँ वो entrance की तरफ जाने लगे
reception पर बैठी लड़की से इन्होनेँ ये फरमाया
गाँव से इतनी दूर मैँ हीरो बनने आया
मुझको रोहित जी से मिला दो
मेरी भी आप लाइफ बना दो
उस महिला ने धीरे से गरदन उचकाई
तोते जैसी नाक पे अपनी
उसने ऐनक चढ़ाई
दिखाकर आँखेँ पप्पु को
वो शेरनी सी गुर्रायी
कौन हो तुम
कहाँ से आये हो
ये मनहूस शक्ल
यहाँ क्योँ लाए हो
सर ने फिल्म का हीरो कब का select कर लिया
और बचे खुचोँ को reject कर लिया
तुम भी अपना वक्त ना बर्बाद करो
वो रहा exit द्वार, खुद को यहाँ से बाहर करो
सुन कर ये अल्फाज़ मैडम के….
दिल चकनाचूर हो गया
अरमानोँ की इमारत ढहने लगी
बेचारे की ख्वाबोँ की गंगा
हिमालय से निकल कर जाने कहाँ बहने लगी ||
- धीraj ✍️

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