कालेज के लुच्चे
हास्य कविता ….!!
कालेज मेँ नई कन्या देखकर
लुच्चोँ के मन चहचहाने लगे
सस्ता मद्दा perfume त्याग वो महँगा deo लगाने लगे
अपने गले मेँ मोटी चेन अब ये सजाने लगे
मेरे पास है चाईना फोन, सबको ये दिखलाने लगे
रंगबाजी मेँ देखो ये सिगरेट भी सुलगाने लगे
कालेज मेँ नई कन्या देखकर
लुच्चोँ के मन चहचहाने लगे
impression के चक्कर मेँ अब ये रोज रोज नहाने लगे
थोबड़ा अपना चमका के अब कालेज जल्दी आने लगे
पीछा करते करते अब तो कक्षा मेँ भी आने लगे
भाभी भाभी कहकर यार दोस्त भी खिल्ली उड़ाने लगे
कालेज मेँ नई कन्या देखकर
लुच्चोँ के मन चहचहाने लगे ॥ ….:-😀
- धीraj ✍🏻

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