Republic Day Poem In Hindi – गणतंत्र दिवस कविता

 Republic Day Poem In Hindi – गणतंत्र दिवस कविता


आज तिरंगा फहराते है
अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी
वीर शहीदों के बलिदान से!!

आजादी के लिए हमारी
लंबी चली लड़ाई थी
लाखों लोगों ने प्राणों से
कीमत बड़ी चुकाई थी!!


 
व्यापारी बनकर आए और
छल से हम पर राज किया
हमको आपस में लड़वाने की
नीति पर उन्होंने काम किया!!

हमने अपना गौरव पाया
अपने स्वाभिमान से
हमें मिली आज़ादी
वीर शहीदों के बलिदान से!!

गांधी, तिलक, सुभाष,
जवाहर का प्यारा यह देश है
जियो और जीने दो का
सबको देता संदेश है!!

लगी गूंजने दसों दिशाएं
वीरों के यशगान से
हमें मिली आजादी वीर
शहीदों के बलिदान से!!

हमें हमारी मातृभूमि से
इतना मिला दुलार है
उसके आंचल की छाया से
छोटा यह संसार है!!

विश्व शांति की चली हवाएं
अपने हिंदुस्तान से
हमें मिली आज़ादी
वीर शहीदों के बलिदान से!!



 हास्य की भाषा नहीं लिखी है
ना ही गजल सुनाता हूं
कविता लिखनी नहीं आती बस
चीखें लिखता जाता हूं!!

देश मेरा जल रहा है
आग लगी है सीने में
हुकुम वाले सभी व्यस्त है
खून गरीब का पीने में!!

तो राम मंदिर बाबरी का
पक्ष नहीं मैं लाया हूं
घायल भारत चीख रहा है
चीख सुनाने आया हूं!!


धीraj ✍️

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